आध्यात्मिक लाभ तथा पूर्ण मोक्ष कैसे मिले ?
यह विचार ही भ्रांति पुरण हैं कि धन,वैभव, मान सम्मान तथा पद प्रतिष्ठा पा लेने से जीवन सफल हो जाता हैं। वर्तमान में सभी यही लालसा पाले अपना कर्म कर रहे हैं। जो हर किसी को नहीं प्राप्त होती है। मनुष्य आज अगर सुखी या दुखी हैं तो यह उसके पिछले पाप ओर पुण्यों की देन है।मानव इन सुखों को पाने के लिए कोई भी पाप करने से नहीं हिचकिचाहट करता है।वह इन सुखों को पाने के लिए दिन रात प्रयत्नशील रहता है।जबकि मिलता उसे उतना ही है जितना उसके प्रारब्ध मे है। अब आप सोच रहे होगे कि फिर यह सुख केसे प्राप्त कर सकते हैं तो उसके लिए हमें हमारे शास्त्रों को समझना होगा। शास्त्र अनुसार भक्ति करने से ही सभी सुख प्राप्त होते है। हिन्दुऔ के पवित्र ग्रंथ गीता जी मे कहा है " संसार की सभी सुखों को प्राप्त करने के लिए पूर्ण परमात्मा की साधना करनी चाहिए। गीता अध्याय 16 श्लोक 23 मे लिखा है कि शास्त्र विधि त्याग कर मन माना आचरण करने से ना तो सिद्धि प्राप्त होती है,ना सुख प्राप्त होता है और ना ही परम गति होती है अर्थात मन माना आचरण व्यर्थ है। तो फिर ह...